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एमयू के पूर्व कुलपति के पास आय से 500% अधिक संपत्ति.

1 हजार पन्ने की चार्जशीट में खुलासा, स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मुकदमा चलाने को मांगी स्वीकृति.

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सिटी पोस्ट लाइव : भर्ष्टाचार के आरोपों से घिरे मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा अकूत संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने अपने 1 हजार पन्ने के चार्जशीट में यह भी खुलासा किया है. डॉ.राजेन्द्र प्रसाद के पास आय से अधिक 2.66 करोड़ की संपत्ति पाई गई जो उनके वैध आय से 500 प्रतिशत अधिक है.

एसवीयू ने मगध विवि और वीर कुंवर सिंह विवि में कुल 18 करोड़ रुपए के गबन के मामले में पूर्व कुलपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद सहित 29 अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दायर किया है.अभियुक्तिों के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए राजभवन से अभियोजन की स्वीकृति भी मांगी गई है. डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने पिछले दिनों इसी मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था और फिलहाल वे जेल में हैं. एसवीयू के अनुसार 16 नवंबर 2021 को मगध विवि के कुलपति रहे डॉ.राजेन्द्र प्रसाद व चार अन्य प्रो. विनोद कुमार, प्रो.जयनंदन प्रसाद सिंह, पुष्पेन्द्र प्रसाद वर्मा और सुबोध कुमार के विरुद्ध कांड दर्ज किया गया था.

अपने कार्यकाल के दौरान मगध विवि और वीरकुंवर सिंह विवि में सरकारी राशि की बंदरबांट किये जाने का आरोप लगा है.करोड़ों की इन राशियों का एक बड़ा हिस्सा डॉ.राजेन्द्र प्रसाद के आय से अधिक संपत्ति एकत्र करने का माध्यम बना. एसवीयू ने मगध विवि के कुछ अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की भी अनुशंसा की है.एसवीयू के अनुसार जांच में सहयोग नहीं करने और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मगध विवि के प्रो.विनोद कुमार, प्रो.जयनंदन सिंह, पुष्पेन्द्र प्रसाद वर्मा और सुबोध कुमार को जेल भेजा गया था. एसवीयू ने दोनों विवि के अधिकारियों-कर्मियों, सप्लायर एजेंसियों व सुरक्षा एजेंसी के मालिक सहित 29 अभियुक्तों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दायर किया है.

सूत्रों के अनुसार मगध विवि के तत्कालीन रजिस्ट्रार रवि प्रकाश बबलू, बबल् के पीए संतोष कुमार झा, मगध विश्वविद्यालय में एमबीए की असिस्टेंट प्रोफेसर रिशा सिंह और पंजाब नेशनल बैंक, लखनऊ के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर जेपी सिंह के विरुद्ध संबंधित सक्षम प्राधिकार को विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गई है.

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