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अब सड़क के किनारे मिलेगें फाइव स्टार रेटिंग व्यंजन ,स्ट्रीट वेंडर्स की रेटिंग शुरू

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सबका सपना होता है फाइव स्टार होटल का लजीज व्यंजन का आनंद उठाना .लेकिन इसे सब पूरा नहीं कर सकते.1000 रुपये का गोलगप्पा और इतना ही महंगा मोमोज .भला आम आदमी कैसे सोंच सकता है  इन्हें फाइव स्टार होटल में जाकर खाने का.लेकिन अब चिंता करने की जरुरत नहीं है.अब पटना,मुजफ्फरपुर और बोध गया में स्ट्रीट वेंडर भी आपको खिलायेगा  फाइव स्टार क्वालिटी का खाना .

सिटी पोस्ट लाईव : पटना में 14 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर हैं, इसमें दो हजार स्ट्रीट फूड वेंडर हैं.ज्यादातर लोग गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ नहीं बेचते .उनके फ़ूड खाकर कहीं बीमार न पद जाएँ,लोग डरते हैं.लेकिन अब आपको पता होगा कि किस स्ट्रीट वेंडर की गुणवता क्या है.उसके यहाँ खाना सेफ है या नहीं क्योंकि अब सरकार इनकी रेटिंग भी शुरू करने जा रही है.किस स्ट्रीट वेंडर का फोद्द क्वालिटी फाइव स्टार होटल का मुकाबला करनेवाला है ,किसका खाना सेहत के लिए ठीक नहीं ,अब सबकुछ सामने होगा.

सबका सपना होता है फाइव स्टार होटल का लजीज व्यंजन का आनंद उठाना .लेकिन इसे सब पूरा नहीं कर सकते.1000 रुपये का गोलगप्पा और इतना ही महंगा मोमोज .भला आम आदमी कैसे सोंच सकता है  इन्हें फाइव स्टार होटल में जाकर खाने का.लेकिन अब चिंता करने की जरुरत नहीं है. फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड ऑथरिटी ऑफ इंडिया  और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से इस योजना पर काम शुरू हो गया है. स्ट्रीट फूड वेंडरों को प्रोत्साहित करने के लिए एक पायलट योजना के तहत पटना, बोधगया, राजगीर और मुजफ्फरपुर में स्ट्रीट फूड वेंडरों को स्टार ग्रेड मिलेंगे.यानी अब अपने मन पसंद व्यंजन खाने के लिए फाइव स्टार होटल का मुंहताज नहीं रहना पड़ेगा.आपको सड़क के किनारे ही खड़े खड़े सस्ता लाल्जीज व्यंजन खाने को मिल जाएगा.वह भी फाइव स्टार क्वालिटी वाला ..

आमतौर पर सड़क के किनारे लगाने वाले फ़ूड स्टाल पर लोग डर से खाना नहीं खाते.सफाई है या नहीं. सही तेल और सही खाद्य सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है है या नहीं ,वगैरह वगैरह चिंताएं आपको सताती रहती है.लेकिन अब जब इनकी रेटिंग शुरू हो जायेगी तब इस तरह की चिंता ख़त्म हो जायेगी.अगले माह से स्ट्रीट वेंडर्स की  रेटिंग की कवायद शुरू हो जाएगी.राजधानी में जल्द ही आप सड़क के किनारे खड़े होकर ‘फाइव स्टार’ गोलगप्पा, चाट, मोमोज, बटाटापुरी और चाउमिन खाने का आनंद उठा सकेगें . सड़क किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड भी स्टार रेटेड होंगे. खाने की पौष्टिकता और स्वच्छता के हिसाब से खाद्य संरक्षण विभाग की टीम स्टार रेटिंग देगी. इसमें थ्री, फोर और फाइव स्टार की रेटिंग दी जाएगी.

दरअसल ये योजना स्ट्रीट फूड वेंडरों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया जा रहा है.लेकिन इसका सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को होगा.अब लोगों को फाइव स्टार क्वालिटी के व्यंजन सड़क के किनारे ही मिल जायेगें.इसके लिए फाइव स्टार होटल जाने की दरकार नहीं होगी.पायलट योजना के तहत पटना, बोधगया, राजगीर और मुजफ्फरपुर में स्ट्रीट फूड वेंडरों को स्टार ग्रेड देने का काम अगले माह से शुरू हो जाएगा.

राजधानी में पहले चरण में मौर्यालोक परिसर में स्ट्रीट वेंडरों को स्टार रेटिंग दी जाएगी. स्ट्रीट फूड की पौष्टिकता और स्वच्छता के आधार पर रेटिंग मिलेगी. सबसे अच्छी गुणवत्ता वाले खाने को फाइव स्टार ,मध्यम व्यवस्था वाले को फोर स्टार और संतुष्ट होने वाली व्यवस्था पर थ्री स्टार की रेटिंग मिलेगी. स्ट्रीट वेंडरों को स्टार ग्रेड देने के लिए खाद्य संरक्षण विभाग की ओर से  अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है.

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