संकट में उपेन्द्र कुशवाहा, RJD-CONG ने दिया गच्चा तो लालू से लगाई गुहार

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के महागठबंधन (Grand Alliance )से अलग होने के बाद भी रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) को महागठबंधन में कोई खास तरजीह नहीं मिल रही है. सीटों के बटवारे को लेकर हो रही देर से अब उपेन्द्र कुशवाहा के सब्र का बाँध जबाब देने लगा है. कुशवाहा ने आरजेडी (RJD) चीफ लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से जल्द से जल्द सीटों के बटवारे को लेकर गुहार लगाईं है. पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि गठबंधन में अभी कई बातों पर स्पष्टता नहीं है इसलिए लालू प्रसाद खुद आगे आकर सब बातों पर स्थिति साफ करें.

उन्होंने कहा कि गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है इसलिए जिम्मेदारी भी उसकी अधिक है. ऐसे में  उन्हें ही आगे आकर सबकुछ ठीक करना होगा. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के अंदर कुछ ऐसी बातें हैं जिसको लेकर वो थोडा असहज हैं लेकिन उसे वो मीडिया के साथ शेयर नहीं कर सकते.गौरतलब है कि  मांझी के अलग होने के बाद वामदलों के साथ RJD की डील पक्की हो चुकी है. मुकेश सहनी के साथ तो सबसे पहले डील पक्की हो चुकी है.लेकिन कांग्रेस और उपेन्द्र कुशवाहा के साथ अभीतक बात शुरू नहीं हो पाई है.ऐसे में सीट शेयरिंग को लेकर एक बार फिर पेंच फंसता नजर आ रहा है. दरअसल तीन वामदलों को उसकी हैसियत के हिसाब से अगर सीटें दी जाएंगी तो हो सकता है कि कुशवाहा के लिए महागठबंधन में कोई स्कोप ही नहीं बचे.

सूत्रों के अनुसार लालू यादव ने सीट बंटवारे का एक फॉर्मूला भी सेट कर दिया है. इसके अनुसार,  मुख्य बंटवारा RJD और कांग्रेस के बीच ही होगा. इस में भी सबसे बड़ा हिस्सा यानी 243 सीटों में 150 से 160 सीटें आरजेडी अपने लिए रखेगी. जब कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीट शेयरिंग पर बात बन जाएगी तो दोनों दलों के करीबी सहयोगियों को भी उनकी हैसियत के हिसाब से सीटें दे दी जाएंगी.सूत्रों की मानें तो लालू के फॉर्मूले के मुताबिक RJD  के हिस्से से भाकपा माले और विकासशील इंसान पार्टी को सीटें मिलनी है. जबकि, कांग्रेस के हिस्से से उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और भाकपा-माकपा को सीटें दी जानी हैं.

सूत्रों के अनुसार लालू फॉर्मूले के अुसार कांग्रेस को 83 से 93 सीटें मिल सकती हैं. इसमें ही  कांग्रेस को अपने साथ खड़े रालोसपा और भाकपा-माकपा को हिस्सेदारी देनी होगी. लेकिन कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है.आज कांग्रेस पार्टी के बिहार चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह पटना पहुँच गए हैं.दिल्ली से और भी कई नेता पहुँच चुके हैं.आज सदाकत आश्रम में ये नेता बैठक आगे की रणनीति तय करेगें.

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