बीटेक, एमसीए और एमबीए के छात्र कर रहे चपरासी दरबान पद के लिए आवेदन.
सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों (Fourth Grade Employees) के लिए वैकेंसी निकली है.लेकिन इस वैकेंसी को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. 186 सीटों (186 Seats) के लिए 5 लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन (Applications)दिए हैं. लाखों आवेदकों में से काफी संख्या में ऐसे छात्र शामिल हैं, जो बीटेक, एमसीए और एमबीए किए हुए हैं. गौरतलब है कि फोर्थ ग्रेड के लिए आवेदकों को सिर्फ इंटरव्यू होता है.
186 पदों के लिए निकली फोर्थ ग्रेड की नौकरी के लिए 500000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है. जबकि 4 सितंबर से ही इसके लिए विधानसभा परिसर में इंटरव्यू चल रहा है और अभी तक करीब 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने इंटरव्यू दे दिया है. जबकि बाकी आवेदकों के लिए इंटरव्यू प्रोसिस जारी है.
चपरासी और दरबान के पद के लिए आवेदन देने वाले बीटेक इंजीनियरिंग और एमबीए के छात्रों का कहना है कि नौकरी के लिए वो कुछ भी करने को तैयार हैं. आवेदकों का कहना है कि सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल है. ऐसे में उनकी प्राथमिकता पहले छोटी मोती नौकरी हासिल करन है. बिहार में हर साल हजारों की संख्या में इंजीनियर बनते हैं, लेकिन इतनी वैकेंसी नहीं निकलती जिसके कारण कोई भी पद हासिल करना जरूरी समझते हैं.
सचिवालय में 186 पदों के लिए निकले फोर्थ ग्रेड की नौकरी के लिए न सिर्फ बिहार के हर कोने से बल्कि कई राज्यों से भी परीक्षार्थी इंटरव्यू देने पहुंच रहे हैं. मेरठ से पहुंचे अंकुश कुमार ने बताया कि 25 घंटे का सफर कर सचिवालय में इंटरव्यू देने पहुंचे हैं. आज के दौर में जहां भी सरकारी नौकरी की वैकेंसी निकलती है वहां पहुंचने की कोशिश करते हैं. मेरठ से ही पहुंचे जितेंद्र ने बताया कि फिलहाल वह प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं, लेकिन वहां काम से ज्यादा शोषण होता है, इसलिए यहां इंटरव्यू देने पहुंचा हूं.
सचिवालय में छात्रों का इंटरव्यू चल रहा है.छात्रों का आरोप है कि 1 दिन में 600 छात्रों का इंटरव्यू हो रहा है और अगर एक लड़के को 1 मिनट का समय दिया जाता है तो कम से कम 10 घंटे इंटरव्यू में लगेंगे. जबकि यहां एक दिन में 8 घंटे ही इंटरव्यू लिया जा रहा है, लिहाजा ऐसे में छात्रों को 1 मिनट से भी कम समय मिल रहा है.छात्रों का आरोप है कि इतने कम समय में किसी की योग्यता की परख भला कैसे हो सकती है.